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EPF-PENSION-EDLI-GRATUITY-CALCULATION FORMULA

प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों को PF,PENSION,GRATUITY और EDLI INSURANCE जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं, और इन सब योजनाओं का नियम अलग-अलग होता है| जिनकी कैलकुलेशन भी अलग-अलग होती है|इस आर्टिकल के जरिए आप पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी और ईडीएलआई बीमा की कैलकुलेशन करने के बारे में जानेंगे|

पीएफ की कैलकुलेशन कैसे करें?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अधिनियम के तहत जिस भी संस्था में 20 या 20 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं, उन सभी कर्मचारियों का पीएफ में कंट्रीब्यूशन होना अति आवश्यक है| यदि आपका भी पीएफ में कंट्रीब्यूशन होता है तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि-आप जब PF निकालेंगे तो आपको कितनी पीएफ रकम मिलेगी?

पीएफ में कर्मचारी के Basic Salary+DA का 12% हिस्सा पीएफ में जमा होता है तथा नियोक्ता (कंपनी) द्वारा भी 12% हिस्सा जमा किया जाता है| जिसका 8.33% पेंशन तथा 3.67% पीएफ खाते में जमा होता है| यदि कर्मचारी की सर्विस 6 महीने से अधिक और 9 साल 6 महीने से कम है, तो वह नौकरी छोड़ने के 60 दिन बाद कभी भी अपना पूरा पीएफ का पैसा निकाल सकता है| यदि नौकरी 9 साल 6 महीने से अधिक हो जाती है तो वह रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का हकदार बन जाता है, जिसकी कैलकुलेशन हम आगे बताएंगे|

यदि आप अपना पीएफ निकालना चाहते हैं, तो आप अपने पीएफ के कैलकुलेशन बड़ी आसानी से कर सकते हैं कि आपको कितना PF AMOUNT मिलने वाला है?

  • इसके लिए आप सबसे पहले epfindia.gov.in में जाकर अपना पीएफ का पासबुक डाउनलोड कर लीजिए|
  • पासबुक में आपको तीन कंट्रीब्यूशन दिखाए जाएंगे| इन तीनों कंट्रीब्यूशन को (employee share+employer share+pension contribution) जोड़ दीजिए|
  • टोटल जितना अमाउंट निकल कर आता है, आपको Full & Final PF Withdrawal करने पर उतना रकम मिलेगा|
  • हालांकि यहां पर पासबुक में दिखाए गए राशि से मिलने वाली रकम कम या ज्यादा हो सकती है इसके दो वजह होते हैं-
  • पहला – आप जिस भी महीने पीएफ निकालेंगे उस महीने तक की ब्याज जोड़कर रकम दी जाती है|
  • दूसरा – पेंशन कंट्रीब्यूशन की कैलकुलेशन आपकी Service Year पर निर्भर करती है, तथा इसकी कैलकुलेशन Table-D के अनुसार होती है, जिसमें आपको Pension Amount कम या ज्यादा मिल सकती है|

पेंशन की कैलकुलेशन कैसे करें?

यदि आपने 9 साल 6 महीने से ज्यादा की सर्विस कर ली है तथा ईपीएफओ में कंट्रीब्यूशन किया है, तो आपको रिटायरमेंट में 58 साल की उम्र के बाद मासिक पेंशन (Monthaly Pension) मिलने लगेगी और यह पेंशन राशि एक कैलकुलेशन के मुताबिक दी जाती है| तो चलिए जानते हैं कि पेंशन कैलकुलेशन किस तरीके से करते हैं और आप इसके जरिए पता लगा सकते हैं कि आपको रिटायरमेंट के बाद कितनी मासिक पेंशन मिलेगी|

पेंशन कैलकुलेशन फार्मूला (PENSION CALCULATION FORMULA)

औसत बेसिक सैलेरी × सेवा अवधि ÷ 70

Average Basic Salary × Service Period ÷70

यहां पर औसत बेसिक सैलरी का मतलब आपके पिछले 5 वर्ष की Basic+DA का एवरेज होता है, जिसे Pensionable Income भी कहा जाता है|सेवा अवधि (Service Period) : आपने कुल कितने वर्ष नौकरी किया है इसे वर्षों में दर्शाया जाता है

उदाहरण – यदि आपने कूल 15 वर्ष नौकरी की है और इसमें आखिरी 5 वर्ष में Basic+DA का औसत ₹10000 है| तो आपको 58 वर्ष की उम्र के बाद हर माह 2,142 रुपए का पेंशन मिलेगा|वर्तमान में EPS 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन राशि 1000 तथा अधिकतम पेंशन राशि  ₹7500 है|

Average Basic Salary × Service Period ÷70

10000×15÷70=2,142 रुपये मासिक पेंशन

ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन कैसे करें?

यदि आपने किसी संस्था के अंतर्गत लगातार 5 वर्ष नौकरी कर ली, तो आपको इनाम के रूप में नियोक्ता द्वारा कुछ राशि दी जाती है जिसे ग्रेच्युटी कहते हैं| लेकिन इसके लिए भी एक कैलकुलेशन फार्मूला है जिसके तहत नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को ग्रेच्युटी दिया जाना चाहिए| इस कैलकुलेट की गई राशि से ज्यादा की राशि भी नियोक्ता द्वारा दिया जा सकता है लेकिन इस राशि से कम नहीं देना चाहिए| तो चलिए जानते हैं कि आप 5 वर्ष कहीं पर नौकरी कर लेते हैं तो आपको कितनी ग्रेच्युटी की रकम कितनी मिलेगी? वर्तमान में इसकी लिमिट 20 लाख रुपए है|

ग्रेच्युटी कैलकुलेशन का फार्मूला (GRATUITY CALCULATION FORMULA)

15×Last Drawn Salary×Tenure Of Working Period÷26

यहां पर आपको दो चीजें समझनी पड़ेंगीं-

Last Drawn Salary : आपकी आखरी Basic+DA Salary

Tenure Of Working Period : आपने कितने वर्ष नौकरी की है, उनकी संख्या वर्षों में| यहां पर 5 वर्ष से अधिक की ही गिनती ली जाएगी क्योंकि 5 वर्ष से कम की सर्विस में आप ग्रेजुएटी पाने के योग्य नहीं होगें| यहां पर वर्षों की गिनती केवल वर्षों की संख्या में होनी चाहिए| यदि आपने 12 वर्ष 7 महीने नौकरी की है तो इसे 13 वर्ष गिना जाएगा 6 महीने से अधिक की नौकरी को 1 वर्ष माना जाएगा| लेकिन यदि आपने 12 वर्ष 5 महीने नौकरी की है तो यह केवल 12 वर्ष ही मानी जाएगी|

यदि आपकी आखरी Basic+DA सैलरी ₹10,000 थी और आपने कुल 12 वर्ष काम किए हैं, तो ऐसे में आपको नौकरी छोड़ने के बाद 69,230 रूपये Gratuity के तौर पर मिलेंगे|

15×Last Drawn Salary×Tenure Of Working Period÷26

15×10000×12÷26=69,230 रूपये ग्रेच्युटी

EDLI बीमा कैलकुलेशन कैसे करें?

जिन भी कर्मचारियों की ईपीएफओ के अंतर्गत पीएफ मैं कंट्रीब्यूशन होती है, उन्हें EDLI Insurance के तहत मुफ्त में जीवन बीमा का लाभ भी दिया जाता है| ऐसे मामले में यदि सर्विस के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी (परिवार के सदस्य) को ईडीएलआई इंश्योरेंस के तहत अधिकतम ₹6 लाख तक की बीमा राशि प्रदान की जाती है| इसकी कैलकुलेशन कैसे की जाती है चलिए जानते हैं-

EDLI बीमा कैलकुलेशन फॉर्मूला (EDLI INSURANCE CALCULATION FORMULA)

(Average Of Basic+DA)×30+1,50,000

(Average Basic+DA)×30 : मेंबर के मृत्यु से पहले 12 महीनों का औसत बेसिक+DA सैलरी का 30 गुना+डेढ़ लाख रुपए कंपलसरी बोनस

उदाहरण : यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है और उसके पिछले 12 महीने का बेसिक+DA Salary का औसत ₹10,000 है तो उसके नॉमिनी को कुल 4,50,000 रुपए ईडीएलआई बीमा के तहत मिलेंगे|

(Average Of Basic+DA)×30+1,50,000

10,000×30+1,50,000=4,50,000 रुपए बीमा रकम

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