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ESIC

दोस्तों, प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा का एक सबसे बड़ा जरिया होता है ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा निगम)| जिसके तहत कर्मचारी अपने वेतन का एक छोटा सा हिस्सा योगदान करके उसके बदले अपने तथा परिवार के सदस्यों का ESIC अस्पताल में मुफ्त में इलाज करवा सकते हैं|

ESIC डिपार्टमेंट द्वारा ईएसआईसी के नियमों में समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं, और अभी-अभी esic द्वारा 2 बड़े फैसले लिए गए हैं, जिसमें से एक तो अच्छी खबर है लेकिन एक बुरी खबर भी है, जिसके बारे में हम इस पोस्ट में जानेंगे|

ESIC अस्पताल से साधारण मरीज को प्राइवेट अस्पताल में नहीं किया जाएगा रेफर|

ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) कि यह एक बुरी खबर है, हालांकि कुछ महीने पहले ईएसआईसी कंट्रीब्यूशन दर में कटौती कर कर्मचारी एवं नियोक्ता का कंट्रीब्यूशन दर 6% से घटाकर 4% कर दिया गया है| श्रम मंत्री संतोष गंगवार जी ने यह कहा था कि कंट्रीब्यूशन दर घटने पर भी कर्मचारियों को वही सुविधाएं दी जाएंगी जो पहले से दी जा रही हैं| लेकिन 31 जनवरी 2019 को ESIC डिपार्टमेंट दिल्ली से एक आदेश जारी किया गया है कि- ईएसआईसी अस्पताल में आये साधारण मरीज को दांत, हर्निया, सिजेरियन, प्रसव सर्जरी व अन्य साधारण बीमारी या सर्जरी की जरूरत पड़ने पर मरीज को ईएसआईसी अस्पताल से सरकारी अस्पताल में ही रेफर किया जाएगा, निजी अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा|

गर्भवती महिला को निजी अस्पताल में चिकित्सा सुविधा लेने पर ESIC देगा ₹7500 का आर्थिक मदद|

14 फरवरी 2020 को श्रम मंत्री श्री संतोष गंगवार जी की अध्यक्षता में हुए एक बैठक में यह फैसला लिया गया है कि- गर्भवती महिला को निजी अस्पताल में चिकित्सा सुविधा लेने पर ₹7500 का आर्थिक मदद दिया जाएगा| आपको बता दें कि इसके पहले यह राशि ₹5000 तक सीमित थी| यदि कोई गर्भवती महिला ऐसे इलाके में रहती है जहां के Esic अस्पताल में Maternity की सुविधा उपलब्ध नहीं है और उसे किसी निजी अस्पताल में चिकित्सा सुविधा लेना पड़ता है, तो उसे ESIC की तरफ से ₹5000 की आर्थिक मदद दी जाती थी जिसे अब बढ़ाकर ₹7500 कर दी गई है|

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