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PF AMOUNT

Employees Provident Fund (EPFO) के नियम के तहत पीएफ कर्मचारी के बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा पीएफ अकाउंट में जमा होता है और 12% नियोक्ता द्वारा भी जमा किया जाता है| नियोक्ता द्वारा जमा किए जाने वाले इस 12% में से 3.67% पीएफ अकाउंट में तथा 8.33% पेंशन खाते में जमा होता है|

लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ ऐसी भी स्थितियां हैं जहां पर नियोक्ता द्वारा जमा किया जाने वाला 8.33% पेंशन खाते में जमा नहीं होता है| यह 8.33% कर्मचारी के पीएफ खाते में ही जमा होने लगता है अर्थात नियोक्ता द्वारा जमा किया जाने वाला टोटल 12% पीएफ खाते में ही जमा होता है| इस तरह कर्मचारी का 12% और नियोक्ता का 12% मिलाकर 24% बैलेंस केवल पीएफ खाते नहीं जमा होने लगता है|

किस स्थिति में पेंशन खाते में पैसा जमा नहीं होता है

यहां पर दो स्थिति लागू होते हैं जिसके बाद कर्मचारी के पेंशन खाते में पैसा जमा नहीं होते हैं और पेंशन खाते में जमा होने वाला हिस्सा सीधे पीएफ खाते में जमा होने लगता है|

  • पहला-जब कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र पार कर जाता है और वह किसी सर्विस में है|तो इस मामले में नियोक्ता द्वारा जमा किया जाने वाला टोटल 12% हिस्सा कर्मचारी के PF ACCOUNT में ही जमा होने लगता है| पेंशन खाते में जमा होने वाला 8.33% PENSION ACCOUNT में जमा नहीं होता और यह कर्मचारी के पीएफ खाते में ही जमा होने लगता है| क्योंकि 58 साल की उम्र में कर्मचारी की EPS सदस्यता पूरा हो जाने पर बंद हो जाती है|
  • दूसरा-जब कोई कर्मचारी 10 साल की पेंशन पाने योग्य सर्विस पूरा कर लिया हो और 50 साल की उम्र के बाद ही कम पेंशन के साथ मासिक पेंशन प्राप्त कर रहा हो| ऐसी स्थिति में किसी संस्था में फिर से कर्मचारी के रूप में जुड़ने पर उसके पेंशन खाते में पैसा जमा नहीं होता है|और नियोक्ता द्वारा जमा किया जाने वाला सारा कंट्रीब्यूशन पीएफ खाते में जमा होता है|

EPS मासिक पेंशन कब मिलता है?

जब कोई कर्मचारी EPFO के अंतर्गत 10 साल की सदस्यता पूरी कर लेता है, तो वह रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन पाने की योग्यता पूरी कर लेता है| कर्मचारी अलग-अलग जगह नौकरी करते हुए भी अपने पीएफ खातों को निरंतर ट्रांसफर करके अपने 10 साल की सदस्यता पूरी करने पर भी ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने के योग्य बन जाता है| जिसके बाद 58 साल की उम्र हो जाने पर उसे मासिक पेंशन मिलने लगती है| कर्मचारी चाहे तो 50 साल की उम्र के बाद भी Reduced Monthaly Pension के लिए आवेदन कर सकते हैं| वर्तमान में न्यूनतम पेंशन राशि ₹1000 तथा अधिकतम 7000 हजार रुपए है|

पेंशन का पैसा कब निकाल सकते हैं?

मासिक पेंशन पाने हेतु 10 वर्ष की सदस्यता पूरी नहीं होने पर कर्मचारी कभी भी अपने पीएफ खाते में जमा पेंशन की राशि को निकाल सकते हैं|लेकिन यदि कर्मचारी की सर्विस 6 महीने से कम की है तो पेंशन की राशि नहीं निकाल सकते हैं| यहां पर आपको बताना चाहेंगे कि पेंशन कंट्रीब्यूशन में किसी भी तरह का ब्याज नहीं मिलता है और पेंशन खाते में जमा राशि को निकालने पर पासबुक में दिखाएं अमाउंट से कम या ज्यादा हो सकता है| क्योंकि पेंशन अमाउंट की कैलकुलेशन सर्विस पर निर्भर करती है कि आपने कितने वर्ष नौकरी की है|

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2 thoughts on “EPF CONTRIBUTION : इस स्थिति में Employer Share पेंशन खाते में नहीं केवल पीएफ खाते में जमा होता है|

  1. कुल सर्विस की गणना में क्या सर्विस या ईपीएफ कांट्रीब्यूशन लगातार होना चाहिए या बीच में एक – दो महीनों का अंतर चलता है ?
    जैसे कि यदि मैंने एक ही ठेकेदार के अन्तर्गत 5 साल 6 माह नौकरी की है । मेरा ईपीएफ अकाउंट भी एक ही रहा है किन्तु 3साल बाद बीच में 2 माह का ब्रेक रहा है और उस पीरियड का ईपीएफ कांट्रीब्यूशन भी नहीं हुआ है तो क्या मेरी कुल सर्विस की गणना (5साल 6माह – 2माह = 5साल 4माह ) होगी या 1साल 10माह होगी ?
    कृपया इस विषय में विस्तार से वर्णन करें ।

    1. EPS ACT के तहत अगर 6 माह से 1 दिन भी ज्यादा सर्विस हो तो उसे 1 साल बराबर मानी जाती है और 6 माह से कम सर्विस को जीरो समझा जाता है l इस हिसाब से अगर आपके सर्विस 5साल 6माह से 1 दिन भी ज्यादा हो तो उसे 6 साल की सर्विस मानी जाएगी और यदि आपके सर्विस 5 साल 6 महीने से 1 दिन भी कम होगी तो वह 5 साल की ही सर्विस मानी जाएगी।

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