पीएफ निकालते समय फॉर्म 15G और 15H कब और क्यों भरा जाता है?

पीएफ निकालते समय फॉर्म 15G और 15H कब और क्यों भरा जाता है?

अधिकतर पीएफ कर्मचारियों को इस बात का पता नहीं रहता कि PF के पैसा (employee share+employer share) में भी टैक्स (TDS) लग सकता है और इस टैक्स से बचने के लिए पीएफ निकालते समय PF फॉर्म के साथ फॉर्म 15जी और 15 एच भी भरना पड़ता है कुछ मामलों में|
तो चलिए आज इस पोस्ट में हम जानते हैं कि यह फॉर्म कब और क्यों भरा जाता है और इसके भरने के क्या फायदे हैं

पीएफ में टैक्स कब लगता है?
Epfo के अनुसार यदि आपकी सर्विस 5 साल से कम है और आपके पीएफ का पैसा 50000 से ज्यादा है और आप अपना PF निकालना चाहते हैं तो आपको टैक्स के रूप में 10% से लेकर 34% तक टैक्स देना पड़ सकता है|पहले यह अमाउंट सीमा ₹30000 था लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹50000 कर दिया गया है लेकिन आप नियम के अनुसार फॉर्म जमा करते हैं तो आपको इस लगने वाले टैक्स से छुटकारा पा सकते हैं|

पीएफ निकासी में टैक्स से कैसे बचें?
यदि आपकी नौकरी 5 वर्ष से कम है और आपका पीएफ अमाउंट 50000 से ज्यादा है तो आपको PF फॉर्म 19 और 10c के साथ साथ फॉर्म 15G या 15H भरना पड़ेगा|

फार्म 15G और 15H मैं क्या अंतर है?
यदि आप की उम्र 60 वर्ष से कम है तो आपको फॉर्म 15जी भरना है और यदि आप की उम्र 60 वर्ष से अधिक है तो आपको फॉर्म 15 एच भरना पड़ेगा|

फॉर्म 15 जी और 15 एच में क्या-क्या जानकारियां भरनी पड़ती हैं?
इस फार्म में आपको अपनी सामान्य जानकारियां भरनी रहती हैं|और इसमें महत्वपूर्ण है अापका पैन नंबर भरना जरूरी रहता है|

पीएफ निकासी में कितना प्रतिशत टैक्स लग सकता है?
यदि आपकी नौकरी 5 वर्ष से कम है और आप का PF अमाउंट 50,000 से अधिक है तो आप अपना पैन और फार्म 15जी/15एच भर कर लगने वाले टैक्स से छुटकारा पा सकते हैं|यदि आपने फॉर्म 15 जी/15एच नहीं भरा है और ना ही पैन नंबर की जानकारी दी है तो आपको अधिकतम 34% तक टैक्स चुकाना पड़ सकता है| और यदि आपने पैन नंबर की जानकारी दी है लेकिन फॉर्म 15जी/15एच नहीं भरा है तो आपको 10% तक टैक्स भरना पड़ सकता है जो आपके PF अमाउंट सेटलमेंट के वक्त ऑटोमेटिक कट जाता है|

पीएफ में टैक्स किन स्थिति में नहीं लगता?
1.एक पीएफ खाते से दूसरे पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर करना।
2.सदस्य के बीमार स्वास्थ्य के कारण सेवा का समापन / नियोक्ता द्वारा व्यवसाय के विच्छेदन / परियोजना के पूरा होने / सदस्य के नियंत्रण से परे
3.यदि कर्मचारी पांच साल की अवधि के बाद पीएफ निकालता है|
4.यदि पीएफ भुगतान रु 50,000 से कम है,भले हि सदस्य ने 5 वर्ष से कम की सेवा प्रदान की है।
5.यदि कर्मचारी रकम (50,000) से अधिक या उसके बराबर राशि निकाल लेता है 5 वर्ष से कम सेवा के साथ, लेकिन फॉर्म 15 जी / 15 एच प्रस्तुत करता है
,पैन के साथ|

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निम्नलिखित मामलों में टैक्स (TDS) कटौती की जाएगी:
1.यदि कर्मचारी 50,000 रकम से अधिक या उसके बराबर राशि निकालता है 5 साल से कम सेवा के साथ, तो…
ए) टीडीएस का 10% कटौती किया जाएगा यदि फॉर्म -15 जी / 15 एच प्रस्तुत नहीं किया गया है भले हि पैन प्रस्तुत किया गया है।
बी) टीडीएस का अधिकतम दर 34.608% तक कटौती की जाएगी यदि कर्मचारी पैन जमा करने में विफल रहता है
और ना ही फॉर्म 15G या 15H जमा करता है|

Note:
1. भुगतान के समय टीडीएस काटा जा सकता है।
2. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 ए के तहत टीडीएस कटौती की जाएगी।
3. फॉर्म 15 एच वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए है और फॉर्म 15 जी उन व्यक्तियों के लिए है जिनके पास कोई कर योग्य आय नहीं है। फॉर्म 15 जी और
15 एच स्वयं घोषणाएं हैं और इन्हें डुप्लिकेट में स्वीकार किया जा सकता है।
4. सदस्यों को फॉर्म नंबर 19 के साथ फॉर्म नं 15 जी / 15 एच में पैन नंबर प्रस्तुत करना होगा|

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Hiii Friends, i am Yogesh Nayak author of this website,and i tried to help all indians,about epf/uan/pension/edli and esic benifits.i also try to give you tutorials,information and answer your questions.i hope you help me. Lot of thanks.....

2 Comments

  1. Sir hame 9 Sal 7 Mah dyuty karate huaa hai.Sal 2-2dhai Mah dyuty nahee huaa hai.kya peansion ka hakadar hu nahee.nhee to ktane Sal ya mAh our lagege.hame vistsr bataye.dhanayvad ?

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